Archive for August, 2009

Following deduction will be available from salary for ITax Rebate 1) Mileage 2)Compensation under voluntary retirement scheme; 3)Amount of gratuity received on retirement or death; 4)Amount received on commutation of pension

SALARY,ALLOWANCES,PERKS DIRECT TAX CODE

Dear Friends,

When I first read the Direct Tax code , Like other people I first read the New Tax Rate and published the same for you and all other website in www discuss benefits from direct tax code but now we will discuss here what have taken back from us. Remember as per Govt Statement tax revenue will Increase after implementation of new Direct Tax Code. In This post we will cover the salaried Class.

Under the Code, the salary will now include, inter-alia, the following:-

  1. the value of rent free, or concessional, accommodation provided by the employer irrespective of whether the employer is a Government or any other person; (earlier nominal value for Govt Employees)(read earlier rules here:valuation of rent free accommodation)
  2. the value of any leave travel concession;(earlier exempted up to 2 journey in four year block)(read earlier rules here: LTC Exemption
  3. the amount received on encashment of unavailed earned leave on retirement or otherwise;(earlier exempted for 30 days for each year of service or maxi 3.00 Lakhs) (read earlier rules here:leave encashment )
  4. medical reimbursement; and 
  5. the value of free or concessional medical treatment paid for, or provided by,the employer.(read earlier rules here:valuation of medical facility)
  6. The value of rent-free accommodation will be determined for all employees in the same manner as is presently determined in the case of employees in the private sector. The new regime of comprehensive taxation of perquisites across employees in all sectors of the economy will improve both the horizontal and vertical equity of the tax system.

Download Direct Tax code 2009 Download Direct tax code discussion paper Read Direct tax code Online

DOWNLAOD NEW TAX RATES OF INDIVIDUAL

Further the following deduction will be available from salary income

  1. amount of professional tax paid;
  2. transport allowance to the extent prescribed;
  3. prescribed special allowance or benefit to meet expenses wholly and exclusively incurred in the performance of duties, to the extent actually incurred;
  4. compensation under voluntary retirement scheme;
  5. amount of gratuity received on retirement or death;
  6. amount received on commutation of pension; and
  7. pension received by gallantry awardees.

Further Item at Sr No 4,5,6 would  be available to the extent the amounts are paid to, or deposited in a Retirement Benefits Account. The amounts received from an approved superannuation fund, hitherto exempt from income tax, will henceforth also be treated in the same manner.

So there will be no exemption for House rent Allowance (HRA) (read HRA present rule) Further exemption for following allowances has also not been provided in new Direct tax code as compare to present tax provisions.

  1. entertainment allowance
  2. children education allowance
  3. children Hostel allowance
  4. HRA (house rent allowance)

The list is not exhaustive but we can say that other than deduction prescribed above no deduction from salary income is allowed. Further EET regime has been now fully introduced for all type of savings scheme which we discuss in separate post.

E: exempt at the time of Investment

E:Interest ,bonuses ,increments during the period of investment will not be taxed at all

T:full amount received at the time of Maturity is taxable in the hands of assesses.

Comments (1) »

RPF RPSF Constable Jobs NF Rly 1130 Posts Education- Matriculation Last Date:- 08-09-2009

Constable Jobs in RPF/RPSF in NFR Aug09

Published by

Ministry of Railways
Northeast Frontier Railway (NFR)
Railway Protection Force (RPF / RPSF)
Advertisement No. 1/2009

Recruitment of Constables (Male/Female) in RPF/RPSF

Applications are invited from eligible male / female candidates for filling up the posts of Constables in Northeast Frontier Railway :

  • Constable : 1130 posts
    • [Male – 905 (UR-509, SC-126, ST-34, OBC-236),
    • Female – 113 (UR-64, SC-16, ST-4, OBC-29),
    • Ex.-SM – 112)],
  • (Pay Scale : Rs.5200-2000/- Grade Pay Rs.2000/-
  • Eligibility : Matriculation or equivalent from recognised board.
  • Physical Measurements (Male):
    • Height : UR/OBC:165 cms, SC/ST : 160 cms, Grhwalis, Gorkhas, Kuamaonese, Dogras, Marathas, etc. : 163 cms
    • Weight : UR/OBC: 50 kg. SC/ST : 48 kg cms, Grhwalis, Gorkhas, Kuamaonese, Dogras, Marathas, etc. : 49 kg.
    • Chest : UR/OBC: 80, SC/ST : 76.20, Grhwalis, Gorkhas, Kuamaonese, Dogras, Marathas, etc. : 80.00
  • Physical Measurements (Female):
    • Height : UR/OBC:157 cms, SC/ST : 152 cms, Grhwalis, Gorkhas, Kuamaonese, Dogras, Marathas, etc. : 155 cms
    • Weight : UR/OBC: 46 kg. SC/ST : 43 kg cms, Grhwalis, Gorkhas, Kuamaonese, Dogras, Marathas, etc. : 44 kg.

How to apply : The applications in the prescribed format should be sent on or before 08/09/09.

For more information and application form, visit http://www.indianrailways.gov.in/RPF/default.htm or http://www.indianrailways.gov.in/RPF/support/appform.pdf , or see Employment News dated 08/08/09.

Comments (2) »

रेलकर्मियों के लिए बनेंगे नये क्वार्टर

रेलकर्मियों के लिए बनेंगे नये क्वार्टर
मुंबई : रेलमंत्री ममता बनर्जी ने संसद में अपने बजट भाषण में रेलकर्मियों के लिए नये 6500 क्वार्टर बनाने की घोषणा की थी, लेकिन इस घोषणा में उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया था कि यह नये आवास किस वर्ग के कर्मचारियों के लिए बनाए जाएंगे. कर्मचारियों का मानना है कि नये आवास बनाने की बजाय जो पुराने आवास हैं, उन्हीं को दुरुस्त कर दिया जाता तो बेहतर होता क्योंकि इस नीति से तो सिर्फ कुछ इंजी. अधिकारियों एवं उनके चहेते ठेेकेदारों का ही भला होने वाला है. वैसे भी कल्याण जैसी जगह में कई नये आवास बनकर वर्षों से खाली पड़े हैं और आज तक उनका आवंटन न होने से न सिर्फ उनमें असामाजिक तत्वों का कब्जा हो रहा है बल्कि वह खंडहर बनते जा रहे हैं.

मोबाइल चार्जर
नयी दिल्ली : रेल यात्रियों की सहूलियत के लिए सभी यात्री ट्रेनों के स्लीपर कोचों में भी मोबाइल चार्जर प्वाइंट लगाए जाने की तैयारी की जा रही है. 23 जुलाई को संसद में रेल राज्यमंत्री के. एच. मुनियप्पा ने बताया कि सौराष्ट्र मेल और सौराष्ट्र जनता एक्स. के सभी कोचों में यह सुविधा यात्रियों को प्रदान की जा चुकी है और जल्दी ही अन्य सभी प्रतिष्ठित गाडिय़ों में भी यह सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी. परंतु सच्चाई यह है कि कोचों के सभी कूपों में यह चार्जिंग प्वाइंट लगाने के बजाए कोचों के दोनों सिरों पर स्थित टायलेट्स के पास एक-एक या दो-दो प्वाइट्स लगाकर इस कर्तव्य की इतिश्री मान ली जा रही है जबकि इससे न सिर्फ यात्रियों को आवाजाही में परेशानी हो रही है बल्कि चार्जिंग के लिए मोबाइल को ताक कर वहां यात्रियों के खड़े रहने पर महिला यात्रियों को टायलेट जाने में शर्मिंदगी और भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा यह प्वाइंट लगाने के लिए रेलवे बोर्ड की नीति में भी स्पष्टता नहीं है, जिससे कई अधिकारी विजिलेंस या विभागीय कार्रवाई के शिकार भी हो रहे हैं. अत: रे.बो. को इस संबंध में स्पष्ट नीति जारी करनी चाहिए. ऐसा तमाम अधिकारियों का मानना है.

क्या रेलवे में भी ऐसा होगा…….
मुंबई : गर्डर उठाने और क्रेनों को हैंडल करने में दो-दो बार हुई लापरवाही और मेट्रो के 18 पिलर्स में आई दरारों के लिए डीएमआरसी ने अपने प्रतिष्ठित कांट्रेक्टर गैमन इंडिया लि. के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया है. क्योंकि इस लापरवाही के चलते 5-6 निर्दोष लोगों की जान चली गई. इसके अलावा 18 खंभों में आई दरारों की जांच के लिए एक विशेषज्ञ कमेटी गठित करके संबंधित जिम्मेदार कांट्रेक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने के संकेत दे दिए हैं तथा दो डिप्टी इंजीनियरिों को निलंबित भी किया जा चुका है.
डीएमआरसी में भले ही मीडिया के दबाव के चलते यह संभव हुआ है, परंतु जब वहां हो सकता है तो यही सब मुंबई में क्यों नहीं हो पा रहा है. यदि यहां भी ऐसा हो जाए तो मुंबई में बाढ़ तथा रेलवे में भी जल-जमाव के लिए कितने ही बीएमसी और रेल अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है जो कि लाखों उपनगरीय यात्रियों एवं करोड़ों मुंबईवासियों की सालाना परेशानी के लिए वास्तव में जिम्मेदार हैं. इसके अलावा म.रे. में प्लेटफार्मों की छतें गिर जाती हैं, कई यात्री गंभीर रूप से जख्मी हो जाते हैं, प्लेटफार्मों पर पर लटके पंखे यात्रियों के सिर पर गिर पड़ते हैं, ट्रेकों के किनारे से मिट्टïी निकालने के बजाय वहीं छोड़ दिए जाने से वह पुन: वहीं भर जाती है, जिसके लिए पुन: टेंडर निकाले जाते हैं और कांट्रेक्टरों को ओब्लाइज करने के साथ करोड़ों का चूना रेलवे को लगाया जाता है. तथापि किसी कांट्रेक्टर अथवा अधिकारी को इस सबके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाता. यह कहां तक उचित है?

वैगन उत्पादन के लिए सेल एवं बीईएमएल में समझौता
बंगलोर : रेलवे द्वारा बनाए जाने वाले हाईस्पीड कॉरिडोर के लिए 100 मीट्रिक टन क्षमता वाले स्टील वैगनों के निर्माण हेतु भारत अर्थमूवर्स लि. (बीईएमएल) और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लि. (सेल) ने यहां 8 जुलाई को एक आपसी समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार बीईएमएल द्वारा अपनी बंगलोर स्थित उत्पादन इकाई से रेलवे को इन वैगनों की डिजाइन, विकास, निर्माण और आपूर्ति की जाएगी, जबकि सेल द्वारा अपने सालेम स्टील प्लांट से इन वैगनों के निर्माण हेतु संपूर्ण स्टील की आपूर्ति बीईएमएल को की जाएगी. समझौते के बाद जारी बयान में कहा गया है कि इन स्टेनलेस स्टील वैगनों के आ जाने से माल की छीजन कम होगी और ढुलाई सस्ती पड़ेगी. कम टेयर वेट होगा तथा इनकी मरम्मत लागत काफी कम हो जाएगी एवं इनसे उच्चतम पेलोड प्राप्त होगा. बयान में कहा गया है कि देश में रेलवे द्वारा माल परिवहन के क्षेत्र में इन वैगनों के आ जाने से एक असामान्य परिवर्तन आ जाएगा.

गैंगमैन बने कुली पुन: कुली बन सकेंगे
नयी दिल्ली : रेल मंत्री ममता बनर्जी ने विगत में कुली से गैंगमैन बने और इसकी घोषणा होने पर बंडलबाज पूर्व रेलमंत्री की वाहवाही करने वाले 14000 लोगों के प्रति सहानुभूति दर्शाते हुए कहा कि जो लोग पुन: कुली बनना चाहते हैं वे संबंधित डीआरएम को एक आवेदन देकर ऐसा कर सकते हैं. रेलमंत्री ने यह भी कहा कि हालांकि यह अवसर सभी को नहीं मिलेगा परंतु जो लोग वास्तव में कुछ लोगों को उनके व्यक्तिगत एवं स्वास्थ्यगत कारणों को देखते हुए उन्हें पोर्टर (कुली) बनने का अवसर दिया जाएगा. हालांकि सच्चाई यह है कि एक-डेढ़ साल में ही कुली से गैंगमैन बने कई लोगों के रनओवर हो जाने तथा काम की कठिन परिस्थितियों के अलावा बंधी-बंधाई पगार एवं सुपरवाइजरों के शोषण ने इनका सारा हौसला और सरकारी नौकरी एवं सुविधा का लालच तोड़कर रख दिया है. इन्हीं तमाम कारणों के चलते पूर्व पोर्टर अब पुन: अपने पेशे में लौट जाने की सुविधा चाहते हैं. यह भी सही है कि यह सुविधा सिर्फ कुछ लोगों को दिए जाने से काम नहीं चलेगा. क्योंकि जो कारण एक के लिए उचित है, वही सब के लिए भी लागू माना जाना चाहिए.

पिछले पांच वर्षों के दौरान हुई महाप्रबंधक कोटे में भर्तियों की जांच होनी चाहिए
भरे जाएंगे रेलवे के 1.70 लाख रिक्त पद

नयी दिल्ली : 9 जुलाई को रेलमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यसभा को बताया कि रेलवे के रिक्त पड़े 1.70 लाख पदों पर शीघ्र ही रेलवे भर्ती के लिए भर्ती बोर्डों और विभागीय भर्ती सेलों के माध्यम से विचार किया जाएगा. इसी के बाद वर्ष 2009-10 के रेल बजट को ध्वनिमत से अपनी मंजूरी प्रदान करते हुए उच्च सदन (राज्यसभा) ने रेल बजट को अंतिम मंजूरी के लिए निचले सदन (लोकसभा) को अग्रसारित कर दिया, जहां दूसरे दिन 10 जुलाई को लोकसभा में रल बजट को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया.
तथापि रेलमंत्री ममता बनर्जी को चाहिए किपूर्व रेलमंत्री और उनके कुनबे ने जो लाखों रुपए लेकर और गरीब बेरोजगारों की जमीनें लिखवाकर, जिसके प्रमाण जेडी(यू) के नेता शिवानंद तिवारी एवं अन्य ने प्रधानमंत्री को दिए गए ज्ञापन में सौंपे थे और यह प्रमाण ‘रेलवे समाचार’ के पास भी मौजूद हैं, हजारों बिहारी युवकों को महाप्रबंधक कोटे में विभिन्न रेलों में भर्ती करवाया है, उनकी गहराई से जांच करवानी चाहिए और इस महाभ्रष्टाचार को उजागर करना चाहिए क्योंकि इससे विवेक सहाय जैसे चापलूस महाप्रबंधकों ने भी अपनी तथाकथित ईमानदारी को ताक पर रखकर लेटरल ट्रांसफर में मनचाही रेलवे में महाप्रबंधक बनने और लाखों कमाने का लाभ उठाया है.

Leave a comment »

RRB Kolkata Bogus website

आरआरबी की फर्जी वेबसाइट का भंडाफोड़
कोलकाता : रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) कोलकाता के चेयरमैन श्री डी. के. श्रीवास्तव की जागरूकता के चलते उनकी आरआरबी के नाम पर फर्जी वेबसाइट (railwayrecruitmentboardkolkata.com) बनाकर लोगों को दिग्भ्रमित करके उन्हें रेलवे में नौकरी दिलाने हेतु ठगने के आरोप में कोलकाता पुलिस ने एक एमसीए छात्र दिल्ली निवासी 25 वर्षीय शुभप्रकाश सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार जब चेयरमैन श्री श्रीवास्तव को इस फर्जी वेबसाइट की जानकारी मिली, जो कि उनकी आरआरबी की ओरिजनल वेबसाइट rrbkol.nic.in की तर्ज पर थी, तो उनके दिमाग में तुरंत शक पैदा हो गया कि कहीं तो कुछ गड़बड़ है. उन्होंने 20 फरवरी को इसके खिलफ तडंग़ा पुलिस स्टेशन, कोलकाता की यूनिट-1 में शिकायत दर्ज करा दी थी.
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त फर्जी वेबसाइट में नौकरियों के लिए फार्म और प्रत्येक अन्य विवरण दिया गया था. बाद में यह मामला साइबर क्राइम सेल के हवाले कर दिया गया. सेल के एक अधिकारी ने बताया कि शुभ प्रकाश ने ‘कांटेक्ट अस’ कॉलम में अपना विवरण दिया था और जो लोग इस वेबसाइट से नौकरी का आवेदन करते थे, उससे संपर्क करते थे. क्राइम सेल ने सर्विस प्रोवाइडर की मदद से जब विस्तृत जानकारी निकाली तो पता चला कि उक्त साइट किसी आर. के. गुप्ता के नाम रजिस्टर है, जिसका पता वसंत कुंज, दिल्ली दिया गया था. पुलिस ने सर्विस प्रोवाइडर की मदद से आईपी एड्रेस ढूंढ़ निकाला और 23 जुलाई को शुभप्रकाश सिंह को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया. उसे कोलकाता लाकर सियालदह कोर्ट में हाजिर करके रिमांड में लिया गया है.

Leave a comment »

For 18000 RngStaff 15 Billion Dollars will be spent within 3 Years for Up-gradation of CMS by CRIS! RngStaff Be aware? Expenses may be shown in our A/c (PlanHead). How it will be balanced?

18 हजार ट्रेन कर्मचारियों के लिए 15 अरब डॉलर आईटी सिस्टम आपग्रेड करेगी

आधुनिक टेक्नोलॉजी से रेलवे में हो रहा परिवर्तन

अब तक रेलवे ड्राइवर को ट्रेन सौंपने का कार्य मैन्युअली करती थी. पहले यह तय नहीं था और विद्यमान ड्राइवर को यह जानकारी भी नहीं होती थी कि अगले स्टेशन पर ड्यूटी समाप्त होने पर वह इंजन किस ड्राइवर को सौंपेगा, परंतु अब ऐसा नहीं रहेगा. अब रेलवे में नई टेक्नोलॉजी के कारण स्थिति में बहुत परिवर्तन आया है. अब भारतीय रेल के 18,000 ट्रेन चालक दल, नई क्रू प्रबंध सिस्टम (सीएमएस) का लाभ उठाएंगे. यह एक इनहाऊस ड्राइवर डिक्लप्ड सॉफ्टवेयर है. इसमें बायोमेट्रिक पहचान अर्थात ड्राइवर की पहचान की व्यक्तिगत सांख्यिकी होगी और इसी पहचान के आधार पर ट्रेन आवंटन होगी. इस सिस्टम में प्रत्येक इंजिन क्रू के विवरण रहेंगे. इसी के आधार प्रत्येक चालक और ट्रेन का टाइम टेबल पहले से ही निर्धारित रहेगा. भारतीय रेलवे 37,000 करोड़ के बजट वाली एक स्वतंत्र और सर्वोपरि अर्थव्यवस्था है. प्रतिदिन 18,000 सवारी गाडिय़ों में 1.80 करोड़ यात्री यात्रा करते हैं. आगामी तीन वर्षों के अंदर-अंदर इस सॉफ्टवेयर को अपग्रेड करने के लिए 15 अरब डॉलर व्यय होने की संभावना है.
चालक दल को योग्य रीति से काम मिलेगा. राजधानी, शताब्दी और सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों को चलाने/संचालन के लिए एक अलग विशिष्ट कौशल्य की जरूरत होती है. डीजल और विद्युत संचालित इंजनों के लिए भी विशिष्ट कौशल जरूरी है. अब हम चालक दल के सदस्य और उनके नंबर पर सर्च कर यह जान सकते हैं कि वह इस समय कहा है. सेंटर फार रेलवे इंफोर्मेशन सिस्टम (सीआरआईएस) CRIS ने वर्ष 2006 में क्रू मैनेजमेंट पाइलट प्रोजेक्ट शुरू किया है. इससे अब चालक दल के सदस्यों को उनके परिजन जान सकते हैं कि वे इस समय कहा हैं.

Leave a comment »

Raising retirement to 62 for Central Govt. Employees ? May be announced on Independence day

Raising retirement to 62 for Central Govt. Employees ? May be announced on Independence day

Prime Minister Manmohan Singh is keen on extending the retirement age of civil servants to 62, one of his aides told this columnist in Delhi recently. He had apparently been keen to do so earlier this year, but such a change was thought politically risky at a time when the Congress party was using Rahul Gandhi’s youth as its electoral strategy (how do you convince voters that the party is going to harness the energy of the youth if you propose to keep all the old babus for another two years?). It may seem unreal now, but back then many in government feared that the Congress might lose power (even national security advisor M K Narayanan apparently threw a farewell party!), so the PM’s plan was shelved. It is being revived again, with the PM himself taking great interest.This proposal has two justifications. First and foremost is fiscal. As had happened when the retirement age was raised from 58 to 60 in 1998, the expenditure on pensions would be curbed. In this year’s budget, finance minister Pranab Mukherjee earmarked non-Plan expenditure for pensions at Rs 25,085.49 crore. That is a growth of almost 40 per cent (39.4 per cent). It is a major contributor to the total spending that was announced by Pranab, a little over Rs 10 trillion, a hike of around 36 per cent from last year. Of course, coming at the time of a global economic slowdown this massive expenditure is possibly a good risk to take; but the prime minister is obviously looking for ways to keep costs from running away.Of course, worse than the central finances are those of many of the States; their governments are far more reckless than the Centre’s. In the decade after New Delhi raised the age of superannuation to 60, the States slowly but surely followed suit. The States would likely follow the Centre’s lead again and that would help them manage their fiscal problems.The other reason the PM wants to push retirement back another two years is that he wants to make tap the valuable human resource that bureaucrats represent. For one thing, life expectancy in India has gone up. According to UNICEF, in 2007 it was 64 years, and this is a figure that the average bureaucrat would have pulled upwards. Thus, when a civil servant retires at 60, she or he is still at their mental peak, and each acts as an institutional storehouse of government policy and programme implementation. Retaining them for another two years would possibly enrich functioning of the government. At the very least, it would keep some of the hypocrites off the boob tube — it’s very bizarre that the same bureaucrats who set government policy for 30 years or so, start abusing the government at the nearest TV station studio the moment they find themselves jobless. (Maybe it’s their pique at not getting a post-retirement sinecure).The PM is not the first person to have such a brainwave. Almost a year ago, the University Grants Commission appointed a committee under G K Chadha to study pay revision, and he made a suggestion that teachers’ retirement age be raised to 65. This is timely advice considering that India is currently set to expand education in a major way under the stewardship of the dynamic Kapil Sibal. It is not just a matter of filling the ranks of teachers, but imparting quality teaching to India’s children.If the PM wants to extend the retirement age then he would only be following a global trend. The retirement age in the US is 65; in Japan it is 60 and the government is gradually raising it to 65 by 2013, but people anyway continue working till 65 on reduced wages. By 2033, Austria’s retirement age will be 65. In Denmark it will be 67 years by 2027. Hungary plans to make it 69 years by 2050. Israel is already raising it to 67 years for men. All these countries and many others are increasing the retirement age because of an increasingly alarming problem — their ageing populations. By 2020, a quarter of Japan’s population will be 65 and over. Life expectancy in the US is about 77, and by 2050 is expected to go up to 83. Japan’s is already 82.4 years. Indeed, the life expectancy in some of the advanced countries, according to 2009 OECD data, are: France 80.9 years, Canada 80.4 years, Sweden 80.8 years, Italy 80.9 years and Spain 81.1 years. You would have to think that as India gets wealthier — which it undoubtedly is — our population’s life expectancy will similarly increase.Imagine a person retiring at 60, but living till at least 80 (if not more), perhaps physically weakened as she or he passes 75, but still mentally at the top of his or her game. What do they do with such a long retirement? And besides the fact that the increase in life expectancy leaves retirees with too much time on their hands and their skills unutilised, it also places a great burden on the working population, which has to finance the social security and health benefits that the elderly need. In the West it costs much more to maintain an elderly person than it does to raise a child; and health care costs in the rich world are projected to be those countries’ biggest finance headache (much more than the costs of the stimulus to end the current economic crisis). Thus it is not surprising that there are an increasing number of voices in the West and Japan who are talking of increasing the retirement age to 75. Doing so would engage the older citizens, contribute to the state exchequer in terms of taxes from older workers, and reduce the social security burden on the young. It is a surprisingly obvious solution.With the PM politically on the defensive after the all-round criticism of his joint statement with his Pakistani counterpart at Sharm-el-Sheikh, it is unclear when he may undertake the change in retirement age, though he is said to be very enthusiastic about it. Sharm-el-Sheikh will pass however; party boss Sonia Gandhi can manage the naysayers in the Congress, and the BJP is still shell-shocked from its electoral defeat to do serious damage to the government. And even within the BJP it is thought that currently the coming assembly elections in Maharashtra favour the Congress. Manmohan Singh will soon enough have the political wind at his back to make this proposal. Good thing, for it is an eminently sensible one.

Source : Column of Sri Aditya Sinha for express buzz.

Announcement on Independence Day ?

The government is actively considering raising the retirement age of all central government employees, including those in the armed forces, from the present 60 to 62 years.

Finance Minister Pranab Mukherjee has submitted a report to the prime minister outlining all the pros and cons of the move, including the “cascading effects” on government employment and the huge savings, at least for two years, on account of retirement payouts.

If the Department of Personnel and Training (DoPT) and the prime minister find the arguments forwarded by the finance ministry credible and convincing, the announcement may come as early as August 15, as part of Manmohan Singh’s Independence Day speech.

The Cabinet may discuss the matter tomorrow.

Although the finance ministry is making a strong case for the move, the DoPT is taking time to make up its mind, possibly out of consideration for the 1979 batch of the Indian Administrative Service (IAS) and other central services. Officers of the 1979 batch have been empanelled for promotion to the ranks of additional secretary and secretary but can take up their posts only after the present incumbents retire. If an announcement extending the retirement age comes before November, a batch of empanelled joint secretaries stand to lose their future ranks. In turn, this will also affect those who joined the central administrative services in 1980. The DoPT also says that the age profile of Indian bureaucrats, instead of becoming younger, will become older, out of tune with the rest of the world.

For the finance ministry, the gains from the move are clear. The pension payout of all armed forces personnel of the rank of Lieutenant General and equivalent who were to retire this year will be postponed by 24 months; the government will also defer by two years the liability of paying pension to more than 100,000 employees. While salaries will have to continue to be paid, this will be cheaper than paying upfront benefits like gratuity.

This is all the more important given the government’s other financial liabilities on account of stimulus spending and one drought, though the effects of the latter will kick in only in the next fiscal year. The fiscal deficit is 6.8 per cent of gross domestic product this year and a two-year lag in paying pensions will help in bridging this.

In 1998, the National Democratic Alliance government had raised the retirement age from 58 to 60, a move that benefitted 90,000 government servants and 50,000 defence personnel. At the time, the logic was: the retirement of 140,000 employees would have cost Rs 5,200 crore whereas paying salaries cost only Rs 1,493 crore.

That move came in the wake of the 5th Pay Commission report which had just been implemented by the then United Front government. In 2003, the government also right-sized the central government employee workforce by 30 per cent.

Every time the Centre announces an increase or concession on pay packages, both public-sector units and state governments follow suit. If the prime minister does decide to raise the retirement age, state governments and Public Sector Units (PSUs) will mirror this action. This has its own implications for many cash-strapped states like Punjab.

If the decision is finally taken, it will only be the third time the government will have raised the retirement age. Jawaharlal Nehru was the first prime minister to have increased the age of superannuation from 55 to 58 following the 1962 war with China. The Atal Bihari Vajpayee government did it a second time in 1998.

Source : Business Standard.

Comments (4) »

LI SLI Anomaly solved revised stepping up fixation will B given as per RB’s L.No. S.No.PC-VI/131 RBE No. 236 /2009 dt 24.07.09

GOVERNMENT OF INDIA

MINISTRY OF RAILWAYS

(RAILWAY BOARD )

S.No.PC-VI/131 RBE No. 236 /2009

No.E(P&A)II/2008/RS-37 New Delhi, dated 24.07.2009

The General Managers/CAOs,

All Indian Railways & Prod. Units etc,

(as per mailing lists No.I & II)

Sub : Anomaly in fixation of pay of Loco Supervisory staff appointed prior to 01.01.2006 with reference to their juniors appointed after 01.01.2006 and drawing more pay than the seniors.

It has come to the notice of the Board that staff appointed prior to 1.1.2006 as Loco Running Supervisors in the pre-revised pay scales, whose pay has been fixed in the replacement pay structure for Loco Running Supervisors under the RS(RP) Rules, 2008, are drawing less pay than their juniors appointed as Loco Running Supervisor after 1.1.2006. The anomaly has arisen due to the fact that the benefit of element of Running allowance granted at the time of promotion of running staff to a stationary post has been granted to the junior in the revised pay structure, whereas, the same benefit granted to the senior is of lesser value as the same has been calculated on pre-revised pay scale.

2. It has been decided that the anomaly may be resolved by granting stepping up of pay in pay band to the seniors at par with the juniors in terms of Note 10 below Rule 7 of RS (RP) Rules, 2008.

3. The benefit of stepping up of pay in pay band will be subject to the following conditions:-

(a) Both the junior and the senior Railway servants should belong to the same cadre and the posts in which they have been promoted should be identical in the same cadre and other conditions enumerated in Note 10 below Rule 7 of RS(RP) Rules, 2008 should also be fulfilled.

(b) The stepping up of pay will be allowed to running staff only appointed as Loco Supervisors in whose cases 30% of basic pay is taken as pay element in the running allowance. The stepping up of pay will not be admissible to the nonrunning staff of Mechanical Deptt. Appointed as Loco Running Supervisors as in their cases the question of pay element in the running allowance does not arise;

(c) If even in the lower post, revised or pre-revised, the junior was drawing more pay than the senior by virtue of advance increments granted to him or otherwise, stepping up will not be permissible;

(d) Stepping up will be allowed only once, the pay so fixed after stepping up will remain unchanged

(e) The next increment will be allowed on the following 1st July, if due, on completion of the requisite qualifying service with effect from the date of refixation of pay, as per the provisions of Rule 10 of RS(RP) Rules, 2008.

4. This issues with the concurrence of the Finance Directorate of the Ministry of Railways.

5. Hindi version will follow.

                                                         —Sd–

                                             (Salim Md. Ahmed)

                                       Deputy Director/E(P&A)III

                                                 Railway Board

Comments (1) »